1)
मोना सिनेमा लग कार पार्क क’ गौरव आ आशीष अंटा घाट तरकारी किनि रहल छेलाह | घूमला त’ गौरव के आल्टो के पाछू एकटा होंडा सिटी लागल छल | ड्राईवर सीट पर एक जुवान छौड़ा एकटा कनैत दूधपीबा बच्चा के कोड़ा में लेने चुप्प करेबा में लागल छल |
‘ठक-ठक’
गाड़ी के खिड़की के सीसा नीचां भेल |
“प्रणाम, कनि अपन गाड़ी अहाँ पाछू क’ लैंतों त हम अपन गाड़ी निकालि लैंतों…”
“आह्ह जरुर, कनि बाबू के अहाँ थाम्हि लेब ? ई कानि रहल छेलाह त’ ख़ुशी हिनका ल’ झुनझुना किनय गेलखिन अछि |”
गौरव बच्चा के कोड़ा में ल’ आगू बैस गेलाह | बच्चा कोड़ा में अबिते चुप्प भ गेल |
“ई कोड़ा में सूसू त’ नै करत ना ?”
“हाहाहा…आई-कैल गामों-घर में बच्चा कोड़ा में कहाँ सूसू करैत अछि, जन्मे सं ‘हगिज़बेबी’ भ’ जायत अछि |”
“बड़ सुन्नर अछि अहाँ के बेटा, हमर बच्चा के फोटो सब एन-मेन एहने गोल-मटोल क्यूट सन अछि”
बच्चा चिहुकैत खिड़की दिस कूदबाक उपक्रम क’ रहल छल | ओकरा सामने माय देखा गेल छेलखिन | ख़ुशी के देखिते गौरवक कोंढ़ पुरनका बुलेट जेंका आवाज़ क’ रहल छल, हृदयक गति मुंहक बिहुँसी छीन लेने छल | ओ भावहीन शून्य में छल
“हाय..अहाँ ??”
“ख़ुशी ई सज्जन के गाड़ी के पाछू हम गाड़ी लगा लेने रही त’ गाड़ी पाछू करय लेल ई बौवा के ल’….”
“ओ…गौरव परेशान त’ नै केलक ना?”
“ग…ग…गौरव ??”
“हाँ…ई हमर पहिल बेटा छी, एकर नाम गौरव रखलिये अछि |”
“गौरव अंकल के बाय करियौन…”
हौंडा सिटी सिटी के सड़क पर धुआं संग गौरव के छोडि चलि गेल |
‘पों…पों…’ आशीष आल्टो के हॉर्न पर चढि गेल छल |
“जल्दी घर चलू आशीष” कार में बैसैत गौरव बजलाह |
“कि…ओ गाड़ी के पीछा करी??”
“घर चलब अहाँ चुपचाप कि हम टेम्पू पकड़ी ??”
“अच्छा तुइत खायब, तुइत…नून संगे….अखने तरकारी बाज़ार में किनने रही…”
2)
गौरव के आकाश झूला जे जतबे डर होईत छेलई ख़ुशी के झूला ओतबे पसीन | ओहि दिन ख़ुशी के भातिज-भतीजी, बहिनोत सब संगे गाँधी मैदान में डिजनीलैंड घुमय गेल छल, गौरव के सेहो बजेने रहय | ओतय ख़ुशी गौरव से झूला झूलबाक जिद करय लागल |
“चलू ना संगे झुलय छी”
“नै ख़ुशी, अहाँ झुलुगे, हमरा बड डर लगय झूला से”
“धौड़…पुरुख के कतौ डर भेलई अछि..”
“नै अहाँ झुलू, हम देखई छी अहाँ के नीचा से..”
“अहूँ जाऊ ना बुआ संगे, नीक लागत” बच्चा सब गौरव के जिद करय लागल |
“हाँ गौरव, अहाँ के हमर सप्पथ…प्लीज” ख़ुशी माथ झूका के सपथ दैत बाजल |
“ख़ुशी…”
बच्चा सब बेस अगत्ती छल, गौरव के ख़ुशी संगे झूला पर बैसते देरी झूला वाला के एक सैय टाका पकड़ा देलक आ खूब झूलेबाक लेल कहलक |
झूलाक गति बढ़ल जा रहल छल संगे गौरव सेहो तहिना चिचिया रहल छल | ख़ुशी गौरव के डर कम करबाक कोशिस में लागल छल |
“ख़ुशी झूला रुकबाउ, हमर प्राण निकलि जायत”
“उम्म्म”
ख़ुशी गौरव के अपना पांज में कसि लेलक आ ओकर डर के बिहुँसी के लपकि लेलक | दुनू के आँखि बंद भ गेल छेलई, गौरव के आवाजक गुंजन ख़ुशी के कंठ शनैः शनैः कम भेल जा रहल छल आ दुनू उन्मुक्त चीडै जेकां प्रेमक मुक्ताकाश में झूलि रहल छल |