बेपरवाह मैं बिंदास हूँ…..

बेपरवाह मैं बिंदास हूँ…..

कोई जख्म था दिल पर, अक्सर तकलीफ रहती थी.. फिर गुस्सा आया….दिल चिर लिया…यादों के धागों से रफ्फू किया….मरहम किया, पट्टी भी की….उस हसीं के कातिल नस्तर को, बाहर निकाल कर फेंक दिया…अब फिर से मेरा दिल जवां, पुराने नकली रकीब की फिक्र नहीं, किसी अतीत का जिक्र नहीं….अब बेपरवाह...
जिन्दगी शायद इसी भाग-दौड़ का नाम है——-अविनाश ‘बेपरवाह’

जिन्दगी शायद इसी भाग-दौड़ का नाम है——-अविनाश ‘बेपरवाह’

ना ग़मों का बादल हटा पाया, ना ही खुशियों की बारिश ला पाया, पुराने चिथड़े की तरह जिन्दगी दरकती रही, कश्मकश में मैं, कभी सिलता रहा, कभी ढकता रहा | फ़क़त फिक्र-ए-ख़ुराक में उलझा ‘बेपरवाह’ वक़्त गुजर जाता है, याद तुम भी आते हो, याद अपना घर भी आता है, पर सपनों की चाहत, अपनों की...

कुछ शेर ….बेपरवाह कलम से…..

‘बेपरवाह’ धड़कने ठहर सी गयी है , जो मेरे कदमो की आहट उनके अहाते में हुई | (C) अविनाश ‘बेपरवाह’ ‘बेपरवाह’ नज़र से नज़र मत मिलाना, नज़र जो लग गयी, नज़ारे बदल जायेंगे | (C) अविनाश ‘बेपरवाह’ पूछा किसी ने ‘बेपरवाह’ मुस्कुराहटों का वजह तो बता दो, मैंने कहा पराई ख़ुशी है, जिसकी...

कल रात भर …………………‘बेपरवाह’

मैं रात भर जन्नत में था थी तलब जिनसे रूबरू कि, थी आरजू जिनसे गुप्तगू कि, वो चाँद कल मेरे आँगन में था | मैं रात भर जन्नत में था | मासूम चेहरा, अधरों पर मुस्कान लिए, झील सी आँखें, सुर्ख होंठ, घनेरी जुल्फ, यौवन में उफ़ान लिए , वो प्रतिरूप अप्सरा कि, नूर इस धरा की | वो...