by crlavinash@gmail.com | Sep 15, 2015 | Medium
कोई जख्म था दिल पर, अक्सर तकलीफ रहती थी.. फिर गुस्सा आया….दिल चिर लिया…यादों के धागों से रफ्फू किया….मरहम किया, पट्टी भी की….उस हसीं के कातिल नस्तर को, बाहर निकाल कर फेंक दिया…अब फिर से मेरा दिल जवां, पुराने नकली रकीब की फिक्र नहीं, किसी अतीत का जिक्र नहीं….अब बेपरवाह...
by crlavinash@gmail.com | Apr 17, 2015 | Medium
ना ग़मों का बादल हटा पाया, ना ही खुशियों की बारिश ला पाया, पुराने चिथड़े की तरह जिन्दगी दरकती रही, कश्मकश में मैं, कभी सिलता रहा, कभी ढकता रहा | फ़क़त फिक्र-ए-ख़ुराक में उलझा ‘बेपरवाह’ वक़्त गुजर जाता है, याद तुम भी आते हो, याद अपना घर भी आता है, पर सपनों की चाहत, अपनों की...
by crlavinash@gmail.com | Mar 30, 2015 | Medium
‘बेपरवाह’ धड़कने ठहर सी गयी है , जो मेरे कदमो की आहट उनके अहाते में हुई | (C) अविनाश ‘बेपरवाह’ ‘बेपरवाह’ नज़र से नज़र मत मिलाना, नज़र जो लग गयी, नज़ारे बदल जायेंगे | (C) अविनाश ‘बेपरवाह’ पूछा किसी ने ‘बेपरवाह’ मुस्कुराहटों का वजह तो बता दो, मैंने कहा पराई ख़ुशी है, जिसकी...
by crlavinash@gmail.com | Mar 30, 2015 | Medium
मैं रात भर जन्नत में था थी तलब जिनसे रूबरू कि, थी आरजू जिनसे गुप्तगू कि, वो चाँद कल मेरे आँगन में था | मैं रात भर जन्नत में था | मासूम चेहरा, अधरों पर मुस्कान लिए, झील सी आँखें, सुर्ख होंठ, घनेरी जुल्फ, यौवन में उफ़ान लिए , वो प्रतिरूप अप्सरा कि, नूर इस धरा की | वो...
by crlavinash@gmail.com | Mar 4, 2015 | Medium